Sunday, October 26, 2008

डीवीसी बचाओ-देश बचाओ अभियान

महाभ्रष्ट और लूटेरे एस एस प्रसाद, भगवान पाण्डेय और टी बनर्जी से डीवीसी को बचाओ !
पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में है। अमेरिका जैसे पूँजीवादी देश की भी हालत खराब है।
हम जिस दामोदर घाटी निगम(डीवीसी) में नौकरी कर रहे हैं,उसकी भी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। सुना है कि पिछले दो महीने का वेतन ओवरड्राफ्ट से हुआ है। यह भी सुना है कि अब बैंकों ने भी निगम को ऋण देने से इनकार कर दिया है। क्योंकि पहले ही डीवीसी हजारों करोड़ का कर्ज बैंकों से ले चुका है। पता नहीं अगला वेतन कैसे होगा ? यहाँ तो कोई मनमोहन सिंह या बुश नहीं है,जो निगम को बचाने के लिए आगे आए। यहाँ जो भी है, वह निगम को लूट कर अपने घर ले जा रहा है। ऊपर से नीचे तक, सभी सक्षम पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक इसमें शामिल हैं। हम सोने का सिक्का और 13,200रुपये का भीख लेकर आनंदित हैं। टकटकी लगाए बैठे हैं,पे-रिविजन का। लाखों रुपये एरीयर मिलने का हिसाब लगा रहे हैं।
आप भी जानते हैं कि डीवीसी के सिविल विभाग में भ्रष्टाचार चरमसीमा पर है। इस विभाग ने लूट की अपनी सारी सीमाएँ लाँघ दी है। डीवीसी के कर्मचारियों के मेहनत का पैसा ये कुछ भ्रष्ट अफसर लूट कर अपना घर भर रहे हैं। दूसरी ओर डीवीसी की आर्थिक हालत खराब होती जा रही है। यदि वेतन बंद भी हो जाए तो इन लुटेरे अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फर्क पड़ेगा तो ईमानदार अफसरों ओर कर्मचारियों को।
डीवीसी सीविल विभाग के अभियंता सिर्फ ऐसे फिराक में रहते हैं कि कैसे डीवीसी के धन को अंधाधुंध लूटा जाए। लूट के नये-नये तरीके ये ईजाद करते हैं। इनके लूटने का नया तरीका अभी आप सभी के सामने है। पहले पुराने प्लास्टर को तोड़कर फिर से प्लास्टर चढ़ाने का धंधा आप देख चुके हैं। अब लुटेरों का मनोबल देखिए, वह अब सड़क किनारे का घास छिलवा रहा है। हो सकता फिर से घास लगाने का भी काम होगा। सुना है कि घास छिलाई पर 15लाख रुपये खर्च होंगे। (इसके बाद घास लगाई पर कितना खर्च होगा ?) इसके लिए कोई टेंडर नहीं हुआ है। सुना है,सब कुछ भरबल है। जरुरी काम नहीं होता है। हम कर्मचारियों से परक्यूजिट वसूला जाता है। लेकिन क्वारटरों का क्या हाल है,आप जानते हैं। बरसात में छत से टपकते पानी को बर्तनों में बटोरते रातें बीत जाती हैं। लेकिन इन लूटेरों के पास इन छतों को ठीक कराने के लिए पैसे नहीं होते। फर्श टूटा है,दरवाजे खिड़कियाँ टूटी हुई हैं, सिलिंग फट गया है, लेकिन लाख शिकायतों के बाद भी यह सब काम नहीं होता। कहते हैं कि फंड नहीं है। लेकिन मुख्य अभियंता(सिविल) का बंगला जाकर देखिए, ढाई से तीन लाख रुपये खर्च कर इनके बंगले को सजाया गया है। तो साफ है कि इन लूटेरों के लिए सब कुछ है, लेकिन हम कर्मचारियों के लिए कुछ भी नहीं। उल्टे ये हमारी डीवीसी को खुलेआम लूट रहे हैं।
यह तो बहुत ही छोटा उदाहरण है। आप भी सब कुछ जानते हैं। अब आपको यह बताने की जरुरत है कि ये लुटेरे कौन हैं ? वह है डीवीसी सीविल विभाग का मुखिया,लूटेरों का बादशाह और महाभ्रष्ट मुख्य अभियंता(सिविल) एस एस प्रसाद। इसके साथ है इसी की तरह एक और महाभ्रष्ट एस ई (सर्किल-2),मैथन, भगवान पाण्डेय। और तीसरा है, भ्रष्टाचार में किसी से कम नहीं, टी बनर्जी,एस डी ई (सिविल),मैथन
कर्मचारियों एवं ईमानदार अफसरों की मेहनत की कमाई का धन ये कुछ लुटेरे लूट रहे हैं। हम हैं कि चुपचाप इन लुटेरों को देख रहे हैं। यह डीवीसी किसका है ? ऐसे लुटेरों का है या हग कर्मचारियों का भी है ? डीवीसी उनका भी है जिन्होंने अपनी मेहनत से इसे इस उँचाई तक पहुँचाया है और अभी अवकाश प्राप्त कर चुके हैं। यदि डीवीसी हमारा है तो हम चुप क्यों हैं ? ट्रेड यूनियन नेताओं का गिरेबान क्यों नहीं पकड़ते कि वे क्यों चुप हैं ? यदि वे हमारी नहीं सुनते तो हम क्यों नहीं सीधे इन लुटेरों का गिरेबान पकड़ते ?
मित्रों,डरने की कोई बात नहीं है। डीवीसी को इन लुटेरों से बचाना हमारा राष्ट्रीय धर्म है। हमें राष्ट्रीय धर्म निभाने से नहीं डरना चाहिए। यदि हम इसमें चुक गए,तो यकीन मानिए,वह दिन दूर नहीं, जब डीवीसी को भी एक बीमार उद्योग घोषित कर दिया जाए। यह किसी टाटा,रिलायंस या किसी मल्टीनेशनल कंपनी के हाथों बिक जाए। तब आप कुछ नहीं कर सकते हैं। हमारे बच्चों का क्या होगा, जरा सोचिए तो !
हम कुछ मित्रों ने मिलकर काफी सोच-विचार किया है और एक अभियान दल का निर्माण किया है। यह पहली दस्तक है। हम आगे भी दस्तक देते रहेंगे। लेकिन हमें आपके सुझाव और विचारों की सख्त आवश्यकता है। हम जानते हैं कि आप अभी डरेंगे। लेकिन आप अपना नाम –पता गुप्त रखते हुए भी हम तक अपने विचार पहुँचा सकते हैं। हमने Internet पर एक वेबसाइट(ब्लॉग) बनाया है- http://www.abhiyaandal.blogspot.com/ आप इस ब्लॉग पर जाकर अपने विचार प्रकट कर सकते हैं, आप चाहें तो अपना परिचय गुप्त रख सकते हैं। इस ब्लॉग पर और भी जानकारियाँ मिल सकती हैं। इसके जरिए हम संवाद कायम कर सकते हैं।

14 comments:

Anonymous said...

डीवीसी की हालत सचमुच ठीक नहीं है। लेकिन लगता है इसकी किसी को फिक्र नहीं है। ट्रेड यूनियनें तो बिक गई हैं। कर्मचारियों को तो जैसे लगता है,उनका डीवीसी और उनकी नौकरी सुरक्षित है। लेकिन वे गलत सोच रहे हैं। यदि डीवीसी में इसी तरह की लूट चलती रही तो डीवीसी का भविष्य अंधकारमय है।
रही बात एस एस प्रसाद की तो उसके बारे में तो कहना ही क्या। वह सचमुच का लुटेरा है और बेशर्म भी। भगवान पाण्डेय तो बहुत ही गिरा हुआ इन्सान है। टी बनर्जी तो मरियल है। वह पैसे के लिए इन दोनों से अलग नहीं है।
देखें,आपके इस दस्तक का डीवीसी स्वार्थी कर्मचारियों पर क्या असर पड़ता है। अभियानदल का प्रयास जारी रहना चाहिए।

Anonymous said...

Abhiyaan dal ke sadasyo ko badhai.Aapne bahut hi accha kaam kiya hai.lakin dekhna hai ki aage kya hota hai.Ek baat aur ki kya civil hi aapka target hai ya pure dvc ke sabhi depptt ke bare me bhi kuchh karenge.Hum karmchari chahte hai ki is tarsh ke bhandaphore honea chahiyee.

Anonymous said...

अभियान का यह अभियान सचमुच काबिले तारीफ है.महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आपने डीवीसी के सिविल में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी अपने अंदाज में दी है,बल्कि महत्वपूर्ण तो यह है कि समाज में अभी भी कुछ लोग हैं जो भ्रष्टाचार को एक अहम मुद्दा मानते हैं और इसके खिलाफ एक अभियान की शुरुआत की है.अभियान के गुमनाम साथियों को मेरी ओर से शुभकामनाएँ. आपका अभियान चलता रहे, यही कामना है.

Anonymous said...

Dear Friends of Abhiyaan dal,
Realy you have started a tremendous job.I personally became happy.This kind of attempt is very essential to weedout the corruption from DVC.
But,one thing I like to say your team don't be hesitate to come out.People of DVC are with you.Many of us want to join your Abhiyan and contribute ourselves ot eradicate the corruption from DVC.
With best wishesh,
B.N. Bhattacharya

Anonymous said...

do you feel you are adding a positive value in the betterment of DVC? It appears from your view that as you do not have the opportunity to become a part of so called bhrashtachar, you are making hue and cry. If you really want betterment of DVC ,come forward report to the right authority and get the work done as per plan of beautification.

Anonymous said...

LET US COME FORWARD UNITEDLY. WORK
TOGETHER TO COMPLETE THE PROJECTS ON TIME.THIS CAN ONLY SAVE US FROM STARVING. REMEMBER, IF WE CAN ACHIEVE A PLF OF 78% FROM 42% WE CAN DO ANYTHING.

Anonymous said...

GIVE A SINGLE NAME OF THE CHAIRMAN WHO HAS NOT BEEN BLAMED WITH THE CHARGES OF CORRUPTION. ULTIMATELY WHAT IS THE FACT KNOW BODY KNEW. BUT IT IS CERTAIN THAT DVC LOOSES WITH ALL THESE BLAMING GAME.

Anonymous said...

अभियान दल द्वारा शुरु किए गए डीवीसी बचाओ-देश बचाओ अभियान के बारे में कुछ साथियों की प्रतिक्रियाओं को पढ़ा.बाकी लोगों में किन्हीं अजनबी का कहना है-It appears from your view that as you do not have the opportunity to become a part of so called bhrashtachar, you are making hue and cry.
लेकिन हम जानते हैं कि डीवीसी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ हम कितने गंभीर हैं. यह कहना कि हमें भ्रष्टाचार का हिस्सा बनने का मौका नहीं मिला,इसीलिए हम शोर मचा रहे है,उचित नहीं है.वैसे पहले भी साहित्यकारों ने लिखा है कि व्यक्ति तभी तक ईमानदार है जब तक उसे भ्रष्ट बनने का मौका नहीं मिला है. हो सकता है यह कहना आमतौर पर सही हो.लेकिन देश में या डीवीसी में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिन्हें मौके तो मिलते हैं,फिर भी वे हमेशा ईमानदारी ही निभाते हैं.ऐसे लोगों को हम और आप सभी जानते भी हैं.
If you really want betterment of DVC ,come forward report to the right authority and get the work done as per plan of beautification.
सवाल है कि किस ऑथोरिटी के पास जाएँ ,कौन है ईमानदारीपूर्वक सूनने वाला.अभी आप शीर्ष पर बैठे लोगों की सूची बनाईए,सभी एक से बढ़कर एक भ्रष्ट कार्यों में लिप्त हैं या मौन समर्थन दे रहे हैं.
यहाँ यह स्पष्ट करना जरुरी है कि अभियान दल कोई BLAMING GAME नहीं चला रहा है.इसे आगे आप देख और महसूस कर पायेंगे.अभियान दल वही कह रहा है और आगे भी कहेगा जो सच है,डीवीसी के हित में है और राष्ट्र हित में हैं.

Anonymous said...

xxxxxx ???? xxxxxxx ????

Anonymous said...

Abhiyan dal lagta hai kamchoro aur bhrast logo ka dal hai.

Anonymous said...

you have not replied our third queries.
Replies to the two of our queries you have given very honestly.
This is also a fact that no country can survive if every one of its officials are corrupt. There must be a substantiate number of people who are honest not only in terms of taking bribes but they must be honest towards their work also. It is true that here majority are corrupt, but can we not contribute our own responsibility religiously, let other follows us and not to the corrupt people like Mr. Prasad(as per your version.
DO NOT PRESUME THAT EVERY ONE ON TOP IS CORRUPT. COME FORWARD BOLDLY. PUT YOUR CHARGES WITH AMPLE PROOF AND MAKE THE LIFE OF A CORRUPT PEOPLE LIKE HELL AS ULTIMATELY THESE PEOPLE ARE RESPONSIBLE TO MAKE THE LIFE OF OUR 80% POOR POPULATION A HELL.

Anonymous said...

The people who do not work and receive public money by way of salary without work is equally corrupt. Being on roll of DVC and doing political work and all other work not connected with DVC amounts to looting of DVC's money, which is public money collectd from the income of public including DVC's employee. Doing their own private business while on the job of DVC is also corruption. Many DVC doctors and staff are doing their own practice.They are not only corrupt but also disloyal to DVC and are making disservice to DVC's employee. Abhiyan Dal should come out on these matters also.Your two posts appear to be guided by some personal grudges. It would be better if Dal makes teir posts more readable and informative based on the matter of some substance. Please make your posts of some standard.

Anonymous said...

अभियान दल उन सभी व्यक्तियों का आभार प्रकट करता है जो इन पोस्ट को पढ़कर अपनी बेबाक राय दे रहे हैं. हम कतई नाराज या क्रोधित नहीं होते जब कोई लिखता है-"Abhiyan dal lagta hai kamchoro aur bhrast logo ka dal hai." अभियान दल के साथी इसी बात से खुश हैं कि चलिए आपने अभियान दल के ब्लॉग पर आना जरुरी तो समझा.हमें विश्वास है कि जो अच्झे और समझदार लोग हैं उनकी राय अवश्य बदलेगी.उन्हे बाद में अहसास होगा कि अभियान दल के प्रति उनका नजरिया ठीक नहीं था और अभियान दल ही सही था और है.
किसी सज्जन ने लिखा है उनकी तीसरी जिज्ञासा या सवाल का जवाब नहीं दिया गया-"GIVE A SINGLE NAME OF THE CHAIRMAN WHO HAS NOT BEEN BLAMED WITH THE CHARGES OF CORRUPTION."
27 तारीख के हिन्दुस्तान अखबार में एक खबर छपी है.डीवीसी के चेयरमैन ए के बर्मन साहब के बारे में है.उनपर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोपों की सूची cvc ने विद्युत मंत्रालय को भेजी है.शायद इसीलिए उन्हें सेवाविस्तार नहीं मिल रहा है.इस खबर से अभियान दल को थोड़ा आश्चर्य हुआ कि चेयरमेन साहब भी भ्रष्ट हैं? अभी तक तो हम एस एस प्रसाद या भगवान पाण्डेय जैसों को ही भ्रष्ट मानते आ रहे थे.हमने कभी सोचा भी नहीं था कि एक संगठन का चेयरमैन इस कदर भ्रष्ट हो सकता है.अभियान दल का टारगेट कोई चेयरमैन और सेक्रेटरी नहीं थे,परन्तु इस खबर के बाद लगता है कि अभियान दल को इनकी भी खबर लेनी चाहिए.उक्त सज्जन की बाकी बातों से हम सहमत हैं.
एक और गुमनाम सज्जन ने कुछ अच्छे सुझाव दिए हैं.अभियान दल उन सुझावों पर अमल करने की कोशिश करेगा.आप इसी तरह हमारा मार्ग दर्शन करते रहें.एक बात और कि अभियान दल किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि सिस्टम और सिस्टम को सपोर्ट करने वालों के खिलाफ है.

Anonymous said...

Lacs of lacs of people are loosing their job in this period of economic crisis. Shall we not stand together to fulfill whatever tasks have been either imposed on us or have been taken by us to create a number of new units which at this moment appears to be a very herculean task. Remember DVC was never under such a huge loan liability before. It can be saved only with the timely completion of the new projects. Come forward trasform this Abhiyaan dal in a dal to accomplish these challenging tasks set before us. This can only be the reply to these bhrusht people your are targetinng with.